अखिलेश का कांग्रेस को साफ सन्देश

अखिलेश यादव

यों तो बात पुरानी हो गई है| परन्तु करें क्या| इस चुनावी घड़ी में कुछ घंटे में बात पुरानी हो जाती है| यह खबर तब की है जब राहुल गाँधी यानी कांग्रेस सपा से गठबंधन करने के लिए तड़फडा रहे थे| तब अखिलेश में उनको खूब घुमाया| जब राहुल अपने मिशन में कामयाब होते नज़र नही आये तब प्रशांत किशोर के […]

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पौत्र अर्जुन है तो बाबा मुलायम होंगे ही

पौत्र अर्जुन

यह तो सार्वजनिक सत्य है कि पौत्र की ज़िद्द और प्यार के आगे बाबा की कुछ भी नही चलती| यही हुआ समाजवादी परिवार यानी मुलायम सिंह परिवार में भी| जब पिता मुलायम सिंह और पुत्र अखिलेश के बीच तलवार खिची हुयी थी तब मुलायम पौत्र अर्जुन में दोनों के बीच सुलह का बीज बो दिया| मुलायम सिंह अपने पौत्र अर्जुन […]

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प्रियंका गांधी स्टार प्रचारक की भूमिका अति सीमित है

प्रियंका गांधी

UP के कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रियंका गांधी के अवतरित होने से बहुत ही उत्साहित है| उनको आशा थी, जी हाँ, है नहीं थी, कि  प्रियंका गाँधी आएँगी, मोदी को भागायेंगी …. परन्तु पता नही किन कारणों से प्रियंका गाँधी ने स्टार प्रचारक में अपना नाम लिखवा कर भी अपनी भूमिका केवल अमेठी और रायबरेली तक ही सीमित कर लिया है| शायद […]

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बिना बिचारे जो कर वो पाछे पछताय

बिना बिचारे जो कर वो पाछे पछताय

ममता बनर्जी कि राजनैतिक पारी आन्दोलन से शुरू हुयी थी और वे सिंगूर और नंदीग्राम में ज़मीन अधिकरण के खिलाफ आंदोलन की अगुआई से सत्ता में आई थीं| और अब ज़मीन अधिकरण के खिलाफ आन्दोलन ही उनके गले की फांस बना हुआ है| वो कहते है की ममता जी! बिना बिचारे जो कर वो पाछे पछताय| हुआ ये की सत्ता […]

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जो दल बदले आपना, चले हमारे संग

Party with difference…औरो से भिन्न….यही नारा देती है राष्ट्रीय दल बीजेपी| सत्ता के लिए नही अपितु कभी केवल देश के लिए ही जीने-मरने वाली पार्टी भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी का अब केवल एक लक्षय नज़र आता है और वह है सत्ता| तभी तो दल बदलुओ को ज्यादा महत्त्व दे रही है पार्टी| आसाम से लगा दल बदलुओ का चस्का बीजेपी […]

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परिवारवाद के फेर से बाकी बचा ना कोय

परिवारवाद

देखा जाये तो भारतीय काम्मुनिस्ट पार्टी की ताकत और विश्वसनीयता रोज़ ब रोज़ कम होती जा रही है| उसके अनेक कारण है जिसमे से एक प्रमुख्य कारण है आपसी टकराव, अह्म तथा परिवारवाद आना है| इसलिए नेताओं के आपसी टकराव को रोकने तथा उनमे आपसी सहयोग बढाने के लिए पूर्व सांसद तथा मातृभूमि के मालिक वीरेंद्र कुमार ने साउथ दिल्ली […]

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नोट बंदी के पीछे असली आदमी कौन?

नोट बंदी

नोट बंदी एक ऐसी घटना है जिसे आधुनिक भारत के इतिहास से हटाया नही जा सकता| 8 नवम्बर 2016 तो हमेशा-हमेशा के लिए भारतीय इतिहास में दर्ज हो गया है| हांलाकि इस बात का पूरा खुलासा शायद कभी भी न हो की नोट बंदी के पीछे असली आदमी कौन था? यह तो तभी पता चलेगा जब स्वयं मोदी इस बात […]

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योगी के भाग्य में नहीं लिखा राजयोग

आदित्यनाथ योगी

गोरखपुर में जुलाई माह में प्रधान मंत्री की रैली में आदमी बहुत कम आये| मैदान तो छोटा था ही, प्रबंधन भी कुछ ख़ास नहीं था| इस रैली का सारा प्रबंधन बीजेपी के फिरे ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ और सुनील बंसल की जिम्मे था| हालत तो यह था की मंच पर बैठे बैठे जब ओम माथुर ने योगी के बचाव में […]

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शायना एन सी को तलाश है बड़ी भूमिका की

शायना एन.सी.

होसकता है पाठकगण जानते हो “शायना एन सी” का पूरा नाम, कम से कम मुझे उनका पूरा नाम नहीं मालूम| आकर्षक व्यक्तिव की मालिकिन शायना एन सी महाराष्ट्र से बीजेपी की प्रखर नेता है जिनकी उस्पस्थिति पेज थ्री एवं टीवी की बहस में अनिवार्य है| बोलती अच्छा है, मधुर भी बोलती है तथा तर्क के साथ बोलती है जो बीजेपी […]

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सतपाल सिंह सत्ती और धूमल में कुश्ती

सतपाल सिंह सत्ती, धूमल तथा नड्डा

सभी प्रान्तों की भाँती हिमाचल प्रदेश में प्रदेशाध्यक्ष की मिटटी पलीद हो रहे है| हिमाचल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती का परोक्ष रूप में विरोध प्रेम कुमार धूमल कर रहे है और प्रतक्षय रूप में उनके समर्थक| क्योंकि हर सभा में सतपाल सिंह सत्ती की जगह धूमल ज़िन्दाबद में नारे लगते है| यह बात केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा […]

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