पौत्र अर्जुन है तो बाबा मुलायम होंगे ही
यह तो सार्वजनिक सत्य है कि पौत्र की ज़िद्द और प्यार के आगे बाबा की कुछ भी नही चलती| यही हुआ समाजवादी परिवार यानी मुलायम सिंह परिवार में भी| जब पिता मुलायम सिंह और पुत्र अखिलेश के बीच तलवार खिची हुयी थी तब मुलायम पौत्र अर्जुन में दोनों के बीच सुलह का बीज बो दिया|
मुलायम सिंह अपने पौत्र अर्जुन के बिना रह नही पाते| अखिलेश से नाराजगी के कारण अर्जुन से मिलना मोहाल हो गया था| सो एक दिन पौत्र अर्जुन अपने बाबा का हाथ पकडे खाने पर बैठा और अखिलेश को भी खीच लिए| तीनो में कद्दू की सब्जी, घुनिया और मट्ठे वाले आलू के मज़े उडाये| साथ ही नाराजगी भी पी गये| इसी बहाने फिर से मुलायम सिंह और अखिलेश में मेल-मिलाप हो गया|
वैसे भी मुलायम सिंह किसी से बहुत दिनों तक नाराज़ नहीं रह पाते| यदि वे किसी से नाराज़ हो भी जाए और वह कई दिनों तक उनके सामने ना आये तो खुद ही उसे खोज निकलवाते है और फिर डांटने के अंदाज़ में उसे अपने पास प्रेम से बैठाकर चढी लगी बर्फी खिलाते है|




