क्या सर्वोच्च न्यायालय के फैसले भी फेसबुक के पोस्ट की तरह है?
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने लगभग पच्चीस साल पुरानी दो चुनाव याचिकाओं के निराकरण के अपने बहुमत (4:3) के फैसले ने धर्म, संप्रदाय, जाति व भाषा के आधार पर वोट अपील को भ्रष्ट आचरण ठहराया है और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 123 (3) को प्रत्याशी के साथ अन्य पर भी लागू मानते हुए कहा कि चुनाव एक धर्मनिरपेक्ष प्रक्रिया है। आशा […]
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