परिवारवाद के फेर से बाकी बचा ना कोय

परिवारवाद

परिवारवाददेखा जाये तो भारतीय काम्मुनिस्ट पार्टी की ताकत और विश्वसनीयता रोज़ ब रोज़ कम होती जा रही है| उसके अनेक कारण है जिसमे से एक प्रमुख्य कारण है आपसी टकराव, अह्म तथा परिवारवाद आना है| इसलिए नेताओं के आपसी टकराव को रोकने तथा उनमे आपसी सहयोग बढाने के लिए पूर्व सांसद तथा मातृभूमि के मालिक वीरेंद्र कुमार ने साउथ दिल्ली के पाश रेस्टोरेंट “कटपुतली” में लंच रखा जिसमे महासचिव सीताराम येचुरी, उनकी पत्नी सीमा चिश्ती, प्रकाश करात तथा उनकी पत्नी बृंदा करात को आमंत्रित किया|

इस लंच का एजेंडा लंच करने के साथ-साथ बल्कि दोनों के बीच बढती दूरी को कम करना था| परन्तु चटपटे और तीखे राजस्थानी खाने ने प्रकाश करात की कडुवाहट बढ़ा दिया| उनका कहना था की पार्टी महासविव को राज्यसभा की सीट नहीं दी जानी चाहिए| कभी हिलाहुज्जत के बाद प्रकाश करात इस बात के लिए राजी हुए की यदि सिताराम येचुरी राज्यसभा में बने रहना चाहते है तब उनको महासचिव पद छोड़ा होगा तथा वे अपनी ओर से बृंदा करात का नाम प्रस्तावित करेंगे|

उडती चिड़िया को खबर लगी है की बृंदा करात का नाम आगे बढ़ाते हुए प्रकाश करात भावुक होकर बोले कि वे बृंदा करात का नाम इसलिए नहीं बढ़ा रहे है  कि वे उनकी पत्नी है| बल्कि इसलिए उनको महासचिव बनवाना चाहते है क्योंकि बृंदा ने  अपना जीवन पार्टी की सेवा में लगा दिया और केवल पार्टी के लिए, जी हाँ केवल पार्टी के लिए, अपने परिवार को भी नहीं बढ़ने दिया|

अब चाहे राजस्थानी खाने के कमाल किया हो या सीताराम येचुरी की फराकदिली ने या वीरेंद्र कुमार की पार्टी ने कमाल किया हो, माकपा में परिवारवाद तो घुसी ही आया है| ध्यान रहे माकपा परिवारवाद के विरुद्ध सबसे आगे आकर युद्ध करता रहा है| परन्तु बिना सत्ता के भी परिवारवाद का आना ना तो पार्टी के लिए शुभ है ना तो देश के लिए|

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विशेष नोट:

प्रकाश करात की बात मानते हुए सीताराम येचुरी ने बालकृष्ण पिल्लै को फ़ोन लगाया| पिल्लै ने येचुरी को राय दिया की वे अपना पद स्वयं छोड़े दे वरना अगले पोलित ब्यूरो में उनका इस्तीफा मानागा जाएगा| इसपर येचुरी ने बृंदा करात के पक्ष में अपना पद छोड़ने से इनकार कर दिया| उनका कहना था की यह पहली बार नहीं है की चुनाव में पार्टी को पराजय का मुंह देखना पड़ा है| हाँ उन्होंने यह ज़रूर कहा की एक बार राज्यसभा का समय खंत होने के बाद वे फिर राज्यसभा में नहीं लौटेंगे| बल्कि केवल पार्टी के लिए काम करेंगे|

एक बात और येचुरी खेमा बृंदा करात के उग्र तेवर से हैरान होकर उनको CPM की उमा भारती बुलाने लगा है|

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