मुलायम की धोबीपछाड़, राहुल चारो खाने चित्त
मुलायम की धोबीपछाड़, राहुल चारो खाने चित्त
उडती चिड़िया ने कल की अपनी रिपोर्ट “राहुल की पहल अखिलेश की मुहर” में बताया था की कैसे राहुल गाँधी ने अपनी पार्टी के बचे 18 विधायको में से 9 विधायांको को बीजेपी में जाने से रोकने के लिए अखिलेश यादव से बात कर गठबंधन की बात आगे बढाई थी| यद्दपि उडती चिड़िया ने 23 दिसम्बर की रिपोर्ट “समाजवादी जाल में फंसे राज बब्बर और राहुल” में बताया था की राहुल को समाजवादी बाप-बेटे ने अपने जाल में फंसा लिया है| और वे कांग्रेस की मांगी 60 सीट की आधी भी नहीं देना चाहते|
और वही होता नज़र आ भी रहा है| पहले शिवपाल यादव ने अपनी लिस्ट मुलायम सिंह को सौपी फिर अखिलेश यादव ने 400+ सीट की लिस्ट देदी जिसमे कांग्रेस की कोई जगह नहीं थी| फिर “अभी तो मैं जवान हू” कहते हुए मुलायम सिंह ने जो 325 सीट की लिस्ट जारी की उसने कांग्रेस की बचीखुची आशा पर तुषारपात कर दिया क्योंकि समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह ने साफ़ साफ़ किसी गठबंधन से इनकार कर दिया| उंनका मनतव्य साफ़ है कि जीते या हारे सब समाजवादी पार्टी का होगा| वे अपने वफादार साथियो का बलिदान उस पार्टी के लिए नहीं देंगे जिसने उनके परम मित्र अमर सिंह को अपमानित कर चाय-पार्टी से भगा दिया था|
अब राहुल और कांग्रेस के पास ना तो कोई तरीका बचा है ना ही संसाधन जिससे वह अपने बल पर पूरे उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ सके| देखिये राहुल के “विद्वान” सलाहकार उनको क्या राय देते है| किस सलाहकार में इतना दम है की युवराज की इक्छा के विरुद्ध कोई राय दे सके|





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