समाजवादी जाल में फंसे राज बब्बर और कांग्रेस
राज बब्बर की तम्मना एक टॉप नेता कहलाने की है, जैसा की वे टॉप अभिनेता थे| परन्तु उनका बडबोलापन तथा अनुचित उपमा का प्रयोग उनको हमेशा तकलीफ देता रहा है| अभी हाल में उन्होंने प्रशांत किशोर को तुलना एक भोपू ठीक करने वाले से कर कर PK को अपना दुश्मन बना लिया| वह तो अच्छा हुआ कि PK का SP और कांग्रेस का UP में मिलन का प्रोग्राम फेल हो गया और राज बब्बर को राहुल गाँधी के अंदरूनी सर्किल में इस शर्त पर घुसने की इजाजत मिली की वे UP में कांग्रेस का SP से सीट समझौता करवादें| राज बब्बर को SP के अंदर बैठे अपने पुराने साथियो पर भरोसा था अत: उन्होंने तुरंत हाँ कर दिया| अब उनको क्या पता था कि उनका पाला शातिर खिलाड़ी अखिलेश यादव और उनके भी बाप मुलायम सिंह से पडा था| बस फंस गए और ऐसे फंसे की बहार निकलने की राह भी नहीं सूझी|
ऐसे में राज बब्बर को राज्यसभा के हंगामे के दौरान प्रोफेसर रामगोपाल यादव नज़र आये| प्रोफेसर से बब्बर की पुरानी जान पहचान है| बब्बर उनको संसद की कंटीन में चाय के बहाने ले जाकर अपनी परेशनी बताने लगे कि किस तरह मुलायम सिंह और अखिलेश यादव ना तो उनसे मिलते है ना ही मना करते है| उधर राहुल गाँधी के चमचे नेता उनसे रोज़ समझौता की प्रोग्रेस रिपोर्ट मांग कर उनका जीना हराम किये है| फिर बब्बर ने रामगोपाल से पुराणी दोस्ती का वास्ता देकर सहायता मांगी|
प्रोफेसर रामगोपाल अपेक्षाकृत भले नेता है और वे नेताओं जैसे शतरंजी बातो से थोड़ा दूर ही रहते है| शायद इसीलिए वे समाजवादी पार्टी में मूल संस्थापक होने के बाद भी शीर्ष तक पहुचने ने नाकामयाब रहे है|
खैर, प्रोफेसर ने बब्बर को बताया कि वे अखलेश और मुलायम के जाल में बुरी तरह फंस चुके है| प्रोफेसर के हिसाब से बाप बेटे का प्लान है कि अखिलेश समझौता के लिए हाँ करते रहेंगे और मुलायम इसे भाव नहीं देंगे| ताकि राहुल गाँधी कि सारी तैय्यारी इतनी लेट हो जायेगी कि उनके सारे पालन फेल हो जाए| ताकी कोंग्रेस को 60 सीट(जो कांग्रेस मांग रही है) की आधी सीट भी ना मिले परन्तु समाजवादी पार्टी को कांग्रेस से सारे वोट ज़रूर मिले| जब बब्बर ने कहा कि प्रियंका गाँधी भी UP प्रचार करेंगी तो रामगोपाल ने बताया कि उसके लिए बहुत देर हो चुकी है|
अब राज बब्बर के लिए यह बड़ी समस्या है कि वे इस बुरी खबर और भयानक सच्चाई को राहुल गाँधी तक कैसे पहुचाये|




