राहुल की पहल अखिलेश की मुहर
राहुल की पहल अखिलेश की मुहर
राहुल गाँधी अपनी बहराइच रैली के बाद लखनऊ में डिनर पर कांग्रेस के विधायको से मिले और उनको बताया की उनकी टेलीफोन पर अखिलेश से बात हो गई है| अखिलेश कांग्रेस के लिए 55 सीट देने को तैयार है| जबकि वे कम से कम 70 सीट चाहते है|
अन्दुरुनी लोग बताते है कि सपा अब 62 सीट देने को तैयार है और मामला 4-5 सीट को लेकर उलझा हुआ है| इसमें मलिहान और अमेठी की सीटे भी है| सपा ये सीट देनी नहीं चाहते और कांग्रेस के नेता इसे अपनी प्रतिष्ठा की बात बनाये हुए है| आखिर क्यों नहीं? अमेठी से लड़कर हारने के बाद भी नेता राहुल गाँधी और १० जनपथ के बहुत करीब हो जाएगा|
दरअसल गठबंधन का मामला तब एकदम गरमा गया जब यह अफवाह उडी की वर्तमान 27 कांग्रेसी विधायको में से 9 तो पहले ही पार्टी छोड़ चुके है| बाक़ी बचे 18 विधायक में से 9 बीजेपी के चारा खाते नज़र आ रहे है| बीजेपी की योजना इन 9 विधायको को मोदी की लखनऊ रैली में बीजेपी में शामिल करने की थी ताकी कांग्रेस के गिरते होसले को एक भरपूर ठोकर मारी जा सके|
परन्तु बीजेपी की इस योजना का पता प्रमोद तिवारी को चल गया| यद्दपि वे इसकी सूचना डायरेक्ट राहुल को भी दे सकते थे परन्तु चंपूगिरी का दायरा बढ़ाते हुए राहुल गाँधी से सम्पर्क न होने का बहाना (काफी कारगर बहाना) बनाकर इसकी सूचना तिवारी ने तुरंत प्रियंका गाँधी को दिया और प्रियंका ने राहुल से सम्पर्क साधा जिसके कारण राहुल ने अखिलेश यादव से बातकर गठबंधन की बात में नई जान डाल दी|
अब देखना है की यह गठबंधन की बात सपा के बाप-बेटे के शातिर चालो से कितना प्रभावित होती है|




