वसुंधरा राजे की संघ ने क्लास लगाई

वसुंधरा राजे

वसुंधरा राजे

संघ के एक पदाधिकारी ने उडती चिड़िया के कान में बोला कि राजस्थान में बिगडती शासन व्यवस्था, मुख्यमंत्री की तानाशाही रवैया, भ्रष्टाचार की खुली छूट और आगामी चुनाव में हार के तरफ बढ़ते कदम ने संघ को राजस्थान की कमान लेने पर मजबूर कर ही दिया|

संघ ने प्रदेश स्तर पर चिंतन बैठक का आयोजन किया जिसने सरकार और पार्टी दोनों के मुखिया संघ के दरबार में हाजिरी बजाते नजर आए। सरकार्यवाह यानी दूसरे नंबर के ओहदेदार भैयाजी जोशी ने बैठक में भाग लेकर अपने प्रचारकों और पदाधिकारियों के साथ बातचीत कर राजस्थान में गिरती शासन व्यवस्था पर मंत्रणा किया| परन्तु तलब भाजपा के नेताओं को भी कर लिया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पार्टी के सूबेदार अशोक परनामी को जोशी के दरबार में मत्था टेकने के लिए जयपुर से अजमेर पहुचे|

दरअसल संघ सरकार और संगठन दोनों की ही कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है| उसे असली शिकायत है की उनकी विचारधारा को सरकार आगे नही बढ़ा रही है| उलटे गैरसंघी मंत्रियों और नेताओं की धमक बढ़ गई है। संघ इस बात से बहुत नाराज़ बताई जा है कि भाजपा सरकार ने जयपुर में कई प्राचीन मंदिरों को धराशायी कर दिया गया। सरकारी गोशाला भी तोड़ दी गई। सुनते है जिसके चलते सैकड़ों गायें बेमौत मर गईं। जिसके कारण कट्टर हिंदुओं में सरकार की गलत छवि बनी रही है|

इस कारण आगामी चुनाव में बीजेपी की हार का आंकलन किया जा रहा है| दूसरी हैरानी की बात यह है की राजस्थान में कांग्रेस लगातार अपनी स्थित मज़बूत करती जा रही है| राहुल गाँधी की रैली इस बात का प्रमाण है| कांग्रेस के धरने और प्रदर्शन भी सफल दिख रहे हैं। खतरे की घंटी देख संघ को सक्रिय भूमिका में आना ही पड़ा।

जब संघ पदाधिकारियों के समक्ष वसुंधरा ने तीन साल की उपलब्धियों का बखान कर रही थी तब जोशी ने उनको रोक कर उनकी कमियों के बारे में जानना चाहा| इसपर रानी साहिबा गच्चा खा गई|जोशी में कमेस्न्त किया कि जब उनको अपनी कमी का ख़ास अंदाज़ अनहि तन वे बचे दो साल में शासन व्यवस्था में ऐसा क्या परिवर्तन करेंगी जिसके कारण बीजेपी दुबारा सत्ता में आ जाएगी?

सत्य तो यही है कि अपने कुशासन एवं तानाशाही रवैये के कारण आछन्न हार से बेखबर वसुंधरा राजे राजस्थान में बीजेपी का कबाड़ा करने की पूरी तैय्यारी कर चुकी है|

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