कपिल सिब्बल दा जवाब नहीं
कपिल सिब्बल
कांग्रेस की करारी हार ने बहुतेरे नेताओं की लुटिया पूरी तरह से डूबा दिया| परन्तु कपिल सिब्बल की तो बन आई| उन्होंने दुबारा सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की और उसमे अत्यधिक सफल भी रहे| जिस केस में हाथ डाला, उसमें उनको कामयाबी मिली। केंद्रीय मंत्री पद से हटने के बाद दोबारा प्रैक्टिस में उतरे कपिल सिब्बल ने इस बात का ख्याल नहीं किया कि वे किसका मुकदमा लड़ रहे हैं। तभी तो वे कांग्रेस के कई विरोधियों का मुकदमा भी लड़ रहे हैं।
आज वे सुब्रितो राय के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, बीसीसीआई के वकील हैं। जबकी उनको पता है की राजनीतिक और पेशेवर प्रतिद्वंदी केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का परोक्ष रूप से बीसीसीआई पर नियंत्रण है। यहाँ अनुराग ठाकुर मुश्किल में फंसे है| जबकि सहारनपुर में हाईवे पर एक महिला और उसकी बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार केस में आज़म खान द्वारा दिए गए उलटे सीधे बयान वाला केस, कपिल सिब्बल आज़म खान को माफ़ी मंगवाकर साफ़ निकल लाये है|
अन्य केसों में कपिल सिब्बल ने सरकार के नाक में दम कर रखा है| सरकार के अटोर्नी जनरल रोहतगी और उनकी टीम कपिल सिब्बल के सामने बौने नाराज़ आते है| सरकार के सामने रोहतगी और उनकी टीम का कोई विकल्प नज़र नहीं आ रहा है| अमित शाह जिसको अटोर्नी जनरल बनवाना चाहते है, वह कितना प्रभावशाली होगा यह तो भविष्य ही बतायेगा| फिलहाल कपिल सिब्बर की गुड्डी आसमान में उंची उड़ान ले रही है|




