हाय रामा बस गद्दी मिल जाए किसी तरह
हाय रामा बस गद्दी मिल जाए किसी तरह
अडवाणी जी आजकल चिंतित से अपने घर के वरांडे में टहलते रहते है| अभी कुछ दिन पहले लाल कृष्ण अडवाणी ने आंध्र के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू को फोन कर आन्ध्र के विशेष पकेज के बारे में जानना चाहा और बताया कि वे यानी अडवाणी इस पकेज के लिए बहुत चिंतित है| साथ ही उन्होंने चन्द्रबाबू को आश्वस्त भी किया कि वे इस मामले को समझकर प्रधानमंत्री के पास स्वयं प्रतिनिधि मंडल लेकर जाना चाहेंगे|
अडवाणी के इस goodwill से चद्रबाबू इतने प्रभावित हुए की उन्होंने अपनी पार्टी के दोनों केन्द्रीय मंत्रियो को तुरंत अडवाणी के पास भेजकर उनको इस मामले की बृहद जानकारी देने को कहा| परन्तु जब दोनों केन्द्रीय मंत्री अडवाणी के घर पहुचे तब अडवाणी ने इस विशेष पकेज की तो बात ही नही किया बल्कि आने वाले राष्ट्रपति के चुनाव और उसमे अपनी उम्मीदवारी की सम्भावनाओं की बात करते रहे|
इस बात को लेकर मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू बहुत आहात हुए और उन्होंने वेंकैया नायडू को पूरी जानकारी दिया| वेंकैया नायडू ने चंद्रबाबू को समझते हुए बताया कि बेहतर होगा की वे स्वयं प्रधानमंत्री से इस सिलसिले में बात करें क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी चद्रबाबू से विशेष स्नेह रखते हुए उनका मान-सम्मान करते है|
लगता है अडवाणी स्वयं अपनी कहानी ख़राब करने पर लगे है| संसद के सत्र के दौरान भी उन्होंने इस तरह का खेल कुछ केन्द्रीय मंत्री को लंच पर बुला कर खेलना चाह था| फलस्वरूप सुषमा स्वराज का नाम राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में उछलने लगा|
यह अच्छा होगा कि अडवाणी अपनी इज्ज़त सम्भाल कर उचित समय की प्रतीक्षा करें तथा भारतीय राजनीति में एक बुज़ुर्ग राजनेता की भूमिका अदा करें|




