खेल खेल में अदावत
खेल खेल में अदावत भी हो जाती है कभी कभी| ख़ासकर जब खेल शक्ति और धन से जुड़ जाए| हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके विरोधी प्रेम कुमार धूमल तथा धूमल के सुपुत्र सांसद अनुराग ठाकुर के बीच खिच-खिच अब आम बात हो गई है।
सांसद अनुराग ठाकुर पूर्व मुख्यामंत्री धूमल के ना केवल पुत्र है बल्कि बीजेपी के युवा मोर्चा के मुखिया भी है| उनका क्रिकेट प्रेम जग जाहिर है| इसलिए वे ना केवल BCCI के बड़े अधिकारी हो गए है बल्कि हिमाचल क्रिकेट एसोसिएशन के मुखिया भी है| ऐसी हालत में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का उनसे चिढना बहुत स्वाभाविक है।
वीरभद्र सिंह एसोसिएशन में अनुराग ठाकुर पर मनमानी करने का आरोप भी लगा चुके हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री का क्रिकेट स्टेडियम के पास बने होटल को तोड़े जाने पर एतराज है। इस चक्कर में वीरभद्र को अनुराग ठाकुर की गई गलत बयानी से मुद्दा मिल गया है| ऐसा बताया जाता है कि अनुराग ठाकुर ने जिस जमीन को बंजर बता कर होटल बनाया था, वहां निर्माण से पहले डेढ़ हजार पेड़ थे।
तो भी क्या हुआ| राजस्व मंत्री कौल सिंह ने इस मुद्दे पर एकदम चुप्पी खींच रखी है जो की ना केवल वीरभद्र सिंह को हैरान कर रही है बल्कि उनके द्वारा अनुराग ठाकुर पर होने वाले हमले में ढाल की तरह काम कर रही है| उनके हिसाब से राजस्व मंत्री को ज़मीन जायदाद के बेजा इस्तमाल को रोकना चाहिए| पर कौल सिंह इस मामले में मौनी बाबा बने हुए है|
पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर वीरभद्र सिंह ने यहाँ तक कह दिया कि चुप्पी की वजह वे कौल सिंह से खुद पूछ लें। हिमाचल क्रिकेट एसोसिएशन को कमजोर करने की इक्च्छा से वीरभद्र सिंह ने एक विधेयक पारित कर राज्यपाल के पास भेजा था। पर महामहिम राज्यपाल ने उस पर कुंडली मार ली।
वीरभद्र सिंह ने तो सत्ता में आते ही क्रिकेट स्टेडियम से लेकर धर्मशाला तक सरकारी कब्जे की कोशिश की थी। उसपर हाईकोर्ट ने इस रोक लगा दी। अथ: हार-थक सारे कानूनी रास्ता छोड़ अब वीरभद्र सिंह अनुराग ठाकुर पर मौखिक हमला कर रहे हैं|




