मुख्यमंत्री रघुबर दास की मुसीबत

मुख्यमंत्री रघुबर दास
मुख्यमंत्री रघुबर दास

                                                मुख्यमंत्री रघुबर दास

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास को अपने ही पार्टी के सहयोगी एवं अपने मंत्रियो के आलोचना सहन करनी पड़ रही है| उनकी समझ नहीं आ रहा है कि किस कारण भाजपा के ही नेता और उनकी अपनी सरकार के मंत्री तक गाहे-बगाहे कुछ न कुछ उनके विरोध में बोल रहे हैं जसका फायदा लेकर विरोधी दल उनका मज़ाक बनाते है|

अब तो पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी मुख्यमंत्री रघुबर दास के हर काम में कमी खोज कर उसे सार्वजानिक करना शुरू कर दिया है| जबकि उनको यह काम पार्टी की बैठकों में करना चाहिए| परन्तु अर्जुन मुंडा है की मानते ही नहीं| इसी तरह मुख्यमंत्री रघुबर दास के सहयोगी मंत्री सरयू राय भी सरकार को आगाह करने के नाम पर ऐसा बोल जाते हैं कि सरकार की दुविधा बढ़ जाती है। इन सहयोगी मंत्री को भी केवल सार्वजानिक मंच ही मिलता है सरकार को आगाह करने के लिए|

बीजेपी से नाता तोड झारखंड विकास मोर्चा चला रहे बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के निशाने पर भी रघुवर दास और उनकी सरकार ही रहती है। परन्तु वे बड़ी चालाकी से अर्जुन मुंडा और सरयू राय की तारीफ के पुल बांधते अघाते नहीं। मामला सभी के समझ में आता है| सबको पता है की सत्ता का आकर्षण ही इनसब चालो के पीछे है जो मुख्यमंत्री रघुबर दास की बुराई और उनके विरोधियो की तारीफ करवाता है| साथ ही विरोधी पार्टी की मुख्य भूमिका में अर्जुन मुंडा और सरयू राय अपना काम तो कर ही रहे है| मुख्यमंत्री रघुबर दास की बुराई और उनके विरोधियो की तारीफ करवाता है| साथ ही विरोधी पार्टी की मुख्य भूमिका में अर्जुन मुंडा और सरयू राय अपना काम तो कर ही रहे है| रघुबर दास की दुविधा है की वे विरोधियो को जवाब दे या घर में बैठे सहयोगी के नाम पर विरोधी की भूमिका अदा करने वालो की शतरंजी चालो को नाकामयाब करे| की दुविधा है की वे विरोधियो को जवाब दे या घर में बैठे सहयोगी के नाम पर विरोधी की भूमिका अदा करने वालो की शतरंजी चालो को नाकामयाब करे|

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