ऐसा कोई सगा नहीं जिसे मुलायम ने ठगा नहीं
नूरा कुश्ती तो बहुत देखी होंगी परंतु मुलायम सिंह और अखिलेश यादव जैसी नहीं। इस कुश्ती में हारकर नेता जी पार्टी हारे, सायकिल हारे, भाई हारे, अमर सिंह हारे| फिर भी कुछ भी नही हारे| कुश्ती ये दोनों लड़ते रहे, मगर चोट लगी चाचा शिवपाल और मुलायम के दोस्त अमर सिंह को जिन्होंने मुलायम सिंह को जेल जाने से बचाया था..ऐसा उडती चिड़िया नहीं बल्कि मुलायम सिंह ने स्वयं बताया था|
वैसे भी ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मुलायम सिंह ने ठगा नहीं| चौधरी चरणसिंह, लोकदल, जनता दल, जार्ज फर्नाडिज, शरद यादव को नेता जी ऐसे धोबिया पाट मारे की लोग ठगे अवाक देखते रह गए। इस बार उन्होंने अपने भाई व बाहरी लोगों के साथ मिलकर अपने ही बेटे अखिलेश यादव के लिए चक्रव्यूह की इस तरह से रचना किया की उसमे घुसकर तोड़ने का प्रयास करने वाला अखिलेश नही बल्कि मुलायम सिंह के अपने सेनापति मारे गए| राजनैतिक ठगी की इससे बड़ी मिसाल शायद ही देखने को मिले|
वैसे भी गलती शिवपालसिंह, अमरसिंह जैसो की थी जिन्होंने सत्ता के शौकीन नेता जी पर अंधविश्वास किया था| क्योंकि उनको विश्वास था कि नेता जी अपने बेटे को ज़रूर पराजित कर देंगे|
फिर भी यह कहना होगा की अखिलेश यादव ने ठगी नहीं की। उन्होंने अपनी राजनैतिक चाल बड़ी नफासत और बारिकी से चली| एकदम लट्ठमार तरीके से बता दिया था की उनके राजनैतिक संसार में उनके चाचा शिवपाल और बाहरी अमर सिंह की कोई जगह नही है| साथ ही उन्होंने बड़ी सफाई से अपनी दूसरी माता के पंख भी कतर दिए है| यह अपने आपमें अखिलेश यादव की बड़ी कामयाबी है।
मुलायमसिंह यादव ने राजनीति भी पहलवानी की तरह किया परन्तु उनकी हर चाल शुद्ध नही थी|। इसीलिए उसे लोग यह कहते कि ऐसा कोई नहीं जिसे उन्होंने ठगा नहीं।




