अमित शाह का दुसाहस

अमित शाह का दुसाहस

अमित शाह ने ओम माथुर, संगठन मंत्री बंसल, प्रदेश अध्यक्ष केशवप्रसाद मोर्य व सर्वेक्षण टीम की फीडबैक पर चुनाव जीत सकने की रणनीति बनाने में जो दुस्साह दिखाते हुए जो दबंगई की है वह अभूतपूर्व है| अमित शाह का दुस्साहस इस सोच में है कि पुराने नेता, कार्यकर्ताओं की नाराजगी दो –चार दिन रहेगी। फिर सब पार्टी को जीताने में जुटे […]

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क्या सर्वोच्च न्यायालय के फैसले भी फेसबुक के पोस्ट की तरह है?

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने लगभग पच्चीस साल पुरानी दो चुनाव याचिकाओं के निराकरण के अपने बहुमत (4:3) के फैसले ने धर्म, संप्रदाय, जाति व भाषा के आधार पर वोट अपील को भ्रष्ट आचरण ठहराया है और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 123 (3) को प्रत्याशी के साथ अन्य पर भी लागू मानते हुए कहा कि चुनाव एक धर्मनिरपेक्ष प्रक्रिया है। आशा […]

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राहुल गाँधी, उनके निकम्मे तथा स्वार्थी सलाहकार

यदि हम अखिलेश यादव को समाजवादी मुलायम सिंह परिवार से अलग साफ़-सुथरी छवि का नेता मानते है तब हम राहुल गाँधी को भी साफ़ सुथरी छवि का नेता मानने से क्यों इनकार करते है| क्योंकि जैसे अखिलेश पर कोई भी व्यक्तिगत आरोप नहीं है उसी तरह राहुल गाँधी पर भी कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं है| आरोपों से यादव परिवार भी […]

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