बीजेपी के बयान बहादुर
बीजेपी में बयान बहादुरों की कोई कमी नहीं| खासकर इन बयान बहादुरों की जुबान उस समय ज़रूर खुलती है जब इनको चुप रहने की सख्त ज़रूरत होती है| दिल्ली चुनाव में अमित शाह का “जूमला” या बिहार चुनाव के समय मोहन भागवत का “आरक्षण पर पुनर्विचार” के बयान हो या गौ-रक्षा के गैर ज़रूरी और भड़काऊ भाषण हो| इसी सिलसिले […]
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